मुंबई में भारी बारिश के बीच हादसे: जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई लोगों की मौत, प्रशासन हाई अलर्ट पर ||
मुंबई, 6 जुलाई 2026: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों रिकॉर्डतोड़ मानसूनी बारिश का सामना कर रही है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा ने शहर की रफ्तार को लगभग थाम दिया है। सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया है, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि कई इलाकों में इमारतें गिरने, पेड़ उखड़ने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आई हैं। विभिन्न बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
सबसे दर्दनाक हादसा मुंबई के मानखुर्द इलाके में हुआ, जहां लगातार बारिश के कारण एक तीन मंजिला चॉल ढह गई। इस दुर्घटना में कई लोग मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल ने घंटों तक अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में तेज़ हवाओं और भारी बारिश के कारण कई पेड़ गिर गए। कुछ स्थानों पर पेड़ वाहनों और दुकानों पर गिरने से लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए। थाणे और पालघर जिलों में भी दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और अन्य दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई हैं।
भारी वर्षा का असर मुंबई की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं कई रूटों पर प्रभावित हुईं, जबकि तेज़ हवाओं और खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा तथा कई विमानों का मार्ग बदला गया। लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले कुछ समय तक अत्यधिक भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन और तेज़ हवाओं की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एहतियात के तौर पर जोखिम वाले निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं। कई निजी कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज भी बंद रखे गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
मुंबई में हर साल मानसून जीवन की रफ्तार को चुनौती देता है, लेकिन इस बार की रिकॉर्ड बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महानगर की जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें मौसम पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि बारिश का कहर जल्द कम होगा ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
